कैसे लगायें कोकोनट पाउडर (Coconut Powder) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

भारत विश्व में नारियल यानि कोकोनेट(Coconut) के उत्पादन में तीसरे नंबर पर आता हैं. अधिक उत्पादन होने के कारण हमारें यहाँ नारियल को काफी पसंद भी किया जाता हैं. हमारे यहाँ नारियल की खपत केवल कोकोनेट पाउडर (Coconut Powder) के रूप में खाद्य सामग्री बनाकर नहीं होती बल्कि नारियल के तेल को भी बहुत गुणकारी माना जाता हैं. देश में निर्यात के बाद बचे नारियल में से 60% नारियल फ़ूड प्रोसेसिंग में इस्तमाल होता हैं व शेष 40% तेल के रूप में उपभोक्ताओं तक पहुँचता हैं.

नारियल का चुरा यानि कोकोनेट पाउडर (Coconut Powder) लगभग सभी प्रकार की मिठाईयों में डाले जाने वाली खाद्य सामग्री हैं. कोकोनेट पाउडर की शेल्फ लाइफ अधिक होती हैं इसलिए इसके खराब होने के कारण किसी नुक्सान की चिंता कम होती हैं. सभी प्रकार के बेकरी व कान्फेशंरी आइटम्स में कोकोनेट पाउडर (Coconut Powder)  की आवश्यकता पड़ती ही हैं. साथ ही कोकोनेट पाउडर की मांग केवल लोकल मार्किट में ही नहीं बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी होती हैं. बदलते लाइफ स्टाइल के कारण लोगों को रेडीमेड फ़ूड की आदत हो चली हैं इसलिए अब कोकोनेट पाउडर को अधिक तरजीह दी जा रही हैं. आजकल कोकोनेट पाउडर की मांग अधिक हैं. इसलिए इस उद्योग को लगाने में मुनाफा होने की सम्भावना भी अधिक हैं.

जानते हैं कैसे शुरू किया जा सकता हैं कोकोनेट पाउडर मैन्युफैक्चरिंग का उद्योग.

कैसे करें सही जगह का चुनाव

भारत में अधिक नारियल केरल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश , महाराष्ट्र, कर्नाटक व उडीसा में होता हैं. ऐसे में ऐसी ही किसी जगह का अपने Coconut Powder के बिज़नस के लिए चुनाव करना बेहतर हैं. कच्चा माल ऐसी जगहों पर आसानी से मिल जायेगा. फ़ूड से जुड़ा कार्य होने के कारण कच्चे माल यानि नारियल का अच्छी क्वालिटी होना व ताजा होना बहुत जरूरी हैं.

कोकोनेट पाउडर मैन्युफैक्चरिंग के लिए कैसे कराएँ रजिस्ट्रेशन

कोकोनेट पाउडर (Coconut Powder) खाने पीने के सामान के अंतर्गत आता हैं इसलिए इस बिज़नस को शुरू करने से पहले आपको अलग तरह के रजिस्ट्रेशन की जरूरत हैं. सबसे पहले आपको उस राज्य के अनुसार रजिस्ट्रेशन की कार्यवाही करनी होगी जहाँ आप अपना बिज़नस सेट करना चाहते हैं. फ़ूड से जुडी यूनिट लगाने के लिए आपको MSME Udyog Aadhaar पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा. लोकल मुन्सिपलिटी अथॉरिटी के पास जाकर ट्रेड लाईसेंस के लिए अप्लाई करना भी आवश्यक हैं.

सभी प्रकार के लेन देन करने के लिए अपनी यूनिट के नाम से बैंक में कर्रेंट अकाउंट खुलवाना जरूरी हैं. फ़ूड रिलेटेड आइटम होने के कारण FSSAI का रजिस्ट्रेशन भी जरूरी हैं जोकि ऑनलाइन हो सकता हैं.  BIS सर्टिफिकेशन करने के लिए IS 966:1962 के अंतर्गत अपने उद्योग का पंजीकरण कराएँ. IS 966:1962 के अंतर्गत नारियल से जुड़े उद्योगों का पंजीकरण किया जाता हैं. साथ ही  अपने बिज़नस से जुड़े सभी प्रकार के टैक्स व सब्सिडी की जानकारी भी प्राप्त कर लें जोकि राज्यवार अलग अलग हो सकती हैं.

कितना व कैसे करें कोकोनेट मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस में निवेश

कोकोनेट पाउडर (Coconut Powder) बिज़नस शुरू करने के लिए कैपिटल अमाउंट के रूप में अच्छी रकम की आवश्यकता होती हैं. इस बिज़नस में निवेश राशि अधिक होने के पीछे बहुत से कारण हैं. जिनमें से एक उद्योग लगाने के लिए सही जगह का चुनाव करना हैं , जिसमें कि काफी खर्च आ सकता हैं.   कैपिटल अमाउंट का कुछ हिस्सा मशीनरी व अन्य यूटिलिटी पर भी खर्च होता हैं.

कोकोनेट पाउडर (Coconut Powder) मैन्युफैक्चरिंग उद्योग को सेट करने के लिए बैंक व अन्य फाइनेंसिंग सुविधाओं से लोन लेना ज्यादा बेहतर हैं. इसके लिए बन आपसे आपके बिज़नस की प्रोजेक्ट रिपोर्ट मांग सकता हैं. जिसमें आपको बैंक को अपने आईडिया के बारें में विस्तार से बताना होगा. साथ ही आपको बैंक के अधिकारियों को इस बात का भी विश्वास दिलाना होगा कि आपके उद्योग से आपको मुनाफा ही होने वाला हैं नुक्सान नहीं.

आप Technology Mission on Coconut  के अंतर्गत चलाई गयी स्कीम के जरिये सब्सिडी भी पा सकते हैं. Coconut Development Board भी आपकी कोकोनेट से जुड़े बिज़नस को सेट करने में मदद करने को तैयार रहता हैं. आप चाहें तो इन दोनों  डिपार्टमेंट में एप्लीकेशन देकर मदद ले सकते हैं.

कैसी हो कोकोनेट पाउडर बनाने की मशीनरी

आप अपने निवेश की राशि के अनुसार अपने मैन्युफैक्चरिंग एरिया को बड़ा या छोटा रख सकते हैं. छोटे स्तर पर इस उद्योग को लगाने के लिए अमूमन 1500 स्क्वायर फीट का एरिया काफी होता हैं. इसके साथ आपको फैक्ट्री के लिए बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था भी करनी होगी. कोकोनेट पाउडर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए आपको इन मशीनरी की आवश्यकता होगी.-

  • कैबिनेट के आकर का hot air dryer व  blower, motor, तथा अन्य सामान
  • 12″ size का Disintegrator , जिसकी मोटर की क्षमता  10 H.P. होनी आवश्यक हैं.
  • Vibratory sifting machine fitted व I. wire mesh तथा 2 H.P motor
  • Al Trays
  • भार तौलने के लिए Platform weighing balance
  • पैकेट बनाने में काम आने वाली सामग्री जैसे पोलीथीन.
  • चाकू, ट्राली व ऐसी अन्य सामग्री.
  • काम करने के लिए आवश्यक फर्नीचर.
  • गुणवता चेक करने हेतु Laboratory testing equipment etc.

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कच्चा माल व मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने का प्रोसेस

कोकोनेट पाउडर (Coconut Powder) बनाने के बिज़नस का सबसे क्रूशियल भाग इसके कच्चे माल को सेलेक्ट करने का हैं. सिर्फ एक खराब नारियल पुरे सामान को खराब कर सकता हैं. इसके लिए खुद से कच्चे माल का निरीक्षण करना आवश्यक हैं. कोकोनेट पाउडर बनाने के लिए 12 महीने तक के पूरी तरह से पकें हुए नारियल सबसे उत्तम माने जाते हैं. ऐसे नारियल मिलने के बाद आपको इन्हें कम से कम एक महीने तक स्टोर करके रखना होगा. आपको 1000 नारियल में से लगभग 100 किलोग्राम नारियल पाउडर प्राप्त हो सकता हैं.

ऐसा करना इसलिए जरूरी हैं क्यूंकि आपको नारियल पाउडर (Coconut Powder) बनांते समय बिल्कुल ड्राई नारियल की आवश्यकता होती हैं. साथ ही नारियल से उनका शैल उतारने में भी समय लगता हैं. शैल उतारते समय कुछ नारियल खराब हो जाते हैं जिनका इस्तमाल तेल बनाने में किया जा सकता हैं.

शैल उतरने के बाद नारियल को ठीक से धोया जाता हैं. फिर उन्हें मशीन की सहायता से अलग अलग ग्रेड पर महीन पीसकर उनका पाउडर बना लिया जाता हैं. इस पाउडर को एक कमरें में सुखाया जाता हैं. उस कमरें का तापमान 180 *F होना आवश्यक हैं. पाउडर को ठीक तरह से सुखाने के लिए उसे समय समय पर हिलाना भी आवश्यक हैं. पाउडर के ड्राई हो जाने के बाद उसे ठंडा होने के लिए छोड़ दिया जाता हैं.

इसके बाद पाउडर को नमी व चिकनाई रहित पैकिंग में पैक किया जाता हैं.  आप अपने उत्पाद की पैकिंग अपने उप्भिक्ताओं को ध्यान में रखकर करा सकते हैं.


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