अपने जीवन के Nagative विचारों को Positive में कैसे बदले !

हम सभी अपने जीवन में कभी न कभी ऐसे दौर से गुजरते है जहाँ हमें रिजेक्शन और आलोचना का सामना करना पड़ता है. ये ऐसा समय है जो आप खुद को Useless समझने लगते है. जबकि Fact ये है कि हम एक ऐसी दुनिया में रहते है जहाँ अलग अलग तरह के लोग रहते है. सभी अलग अलग मानसिकता है. आपके बारें में हर व्यक्ति की अलग अलग सोच हो सकती है.

मुश्किल तब होती है जन आप लोगों की मानसिकता से प्रभावित होकर अपने विषय में नकारात्मक (Negative) सोचने लगते है. आज बात करते है ऐसे तरीको की जिनसे आप इन बातों को personally न लें.

खुद की क्षमता पर विश्वास रखें

किसी की नकारात्मक बातों को personally लेने का सबसे बड़ा इफ़ेक्ट ये होता है कि आप खुद को worthless समझने लगते है. ये नकारात्मक  (Negative) लोग आपकी पर्सनल लाइफ में और आपके ऑफिस में भी हो सकते है. ऐसे में किसी की बातों पर विश्वास करने से पहले खुद पर विश्वास रखें. हर दिन अच्छा नहीं होता तो हर दिन बुरा भी नहीं होता. अगर एक रिलेशनशिप या जॉब आपके लिए अच्छी साबित नहीं हो पाई  इसका मतलब ये कभी न निकालें कि कमी आपमें है. जैसे कोई भी परफेक्ट नहीं होता वैसे ही कोई भी imperfect नहीं होता.

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कोई भी आपको दुःख नहीं पहुंचा सकता

आपको पता होगा कि अल्बर्ट आइंस्टीन को मानसिक रूप से disabled कहा गया, अमिताभ बच्चन की आवाज़ को बेकार कहा गया. अगर ये लोग किसी की कही नकारात्मक (Negative) बातों को personally ले लेते तो आपको इन दोनों का नाम प्रसिद्ध व्यक्तियों में न दिखाई देता. इससे ये क्लियर है कि सिर्फ और सिर्फ आप पर ये निर्भर करता है कि आप किसकी बातों से दुखी होना चाहते है. साथ ही ये भी याद रखें कि जो व्यक्ति आपको दुःख पहुचाना चाहता है वो आपके लिए महत्वपूर्ण तो नहीं होगा.

अधिक न सोचें

आप जितना ज्यादा नकारात्मक बात या व्यक्ति के विषय में सोचेंगे उतने ही नेगेटिव विचार आपके दिमाग में आते रहेंगे. आप एक बार नेगेटिव (Negative) सोच या व्यक्ति का सामना कर लें आपको जितनी जरूरत है उतनी इनफार्मेशन उस एक बार के वाकये से मिल जायेगी. एक नेगेटिव सिचुएशन को आप जितनी बार अपने दिमाग में सोचते रहेंगे उतना ही बुरा आप खुद के लिए फील करते रहेंगे.

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अपना फीड बेक लेते रहें

आपके बारे में एक या दो व्यक्ति ही बुरा या नेगेटिव  बोल या सोच सकते है. अपने बाते में कोई नेगेटिव (Negative) धारणा बनाने से पहले अन्य लोगों से भी अपने काम या व्यवहार के विषय में फीड बेक लें. अगर आपको किसी घटना या बात का बुरा लेग रहा है तो अपने किसी ऐसे दोस्त से बात करें जो आपको एक honest फीड बेक दे सकें.

याद रखें आपकी नकारात्मक (Negative) सोच के लिए लोगों की सिर्फ सोच जिम्मेदार होती है, फैक्ट्स नहीं. इसलिए अपनी सोच बनाने के लिए और बातों को personally न लेने के लिए सिर्फ फैक्ट्स पर विश्वास करें.

 


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