ये है भारतीय Pharma के इंडियन Bill Gates

अभी तक भारत के अमीर लोगों की बात करते समय एक नाम जो सबसे पहले दिमाग में आता था वो थे “अम्बानी” लेकिन पिछले वर्ष भारत के सबसे अमीर लोगों की सूची में pharma इंडस्ट्री से जुड़े “दिलीप सांघवी” के नाम ने बहुत लोगों का ध्यान इस क्षेत्र की और आकर्षित किया.  

आज अगर हम भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की बात करें तो उनमे से अधिकतर आपको Pharma Sector से जुड़े हुए लोग मिल जायेंगे. ये ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने अपना फार्म बिज़नस बहुत ही कम लागत से शुरू किया था. लेकिन उनके Passion और Hard work ने उन्हें सफलता की ऊंचाईयों तक पंहुचा दिया.

आज हम Pharma Industry से जुड़े ऐसे ही 3 सफल लोगों के संघर्ष और सफलता के बारें में आपको बतायेंगे.

Image Credit : Indian Billgates

  1. V. Ramaprasad Reddy : 1986 में P.V. Ramaprasad Reddy और K. Nityananda Reddy ने Aurbindo फार्म की नीव रखी. इन्होने अपनी pharma कंपनी का नाम Aurbindo इसलिए रखा गया क्यूंकि इन्होने अपनी कंपनी की पहली फैक्ट्री पांडिचेरी में श्री औरोबिन्दो के adopted घर में शुरू की थी. आज से दो दशको पहले इस कंपनी ने “Bulk Drugs” (जिसे active pharmaceutical ingredientsभी कहा जाता है ) से अपनी शुरुआत की थी. आज ये हैदराबाद की जानी मानी Pharma कंपनी है.

जो लोग P.V. Ramaprasad Reddy को व्यक्तिगत रूप से जानते है उनका कहना है कि Mr. P.V. Ramaprasad Reddy में सीखने की क्षमता बहुत अधिक है. हर वो टेक्नोलॉजी जिसकी उन्हें जानकारी नहीं थी उन्होंने वो सीखी. आज Mr. Reddy USA में शिफ्ट होचुनके हो और वहीँ से कंपनी के नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में कंपनी को आगे बढ़ा रहे हैं. आज इनकी अनुमानित वेल्थ 2.26 बिलियन डॉलर होने की सम्भावना है.

azad-moopen

Image Credit : ArabianBusiness.com

  1. Azad Moopen: डॉक्टर आजाद ने 1981 में कालीकट के मेडिकल कॉलेज से MBBS व MD की पढाई की और एक इंस्टिट्यूट में पढ़ने लगे. इसके 5 वर्ष बाद उन्हें एक philanthropic mission पर दुबई जाना पड़ा. वहां की मेडिकल फैसिलिटी से प्रभावित होकर डा. आजाद ने वहां अपने क्लिनिक खोलने के विषय में सोचा.हालाँकि डॉ. आज़ाद का प्लान वहां सिर्फ 2 सालो तक रुकने तक का ही था. लेकिन आज अपने क्लिनिक से शुरू हुआ सफ़र इतना आगे बढ़ गया है कि Dr. Azad Moopen ने पिछले 26 सालों में वेस्ट एशिया 175 hospitals के साथ हेल्थ केयर facilities की chain ओपन की.

Dr. Azad Moopen की फर्म Aster DM Healthcare मिडिल ईस्ट के लगभग 10,000 लोगों को रोज़गार देती है. और प्रति वर्ष लगभग 7 मिलियन लोगों का इस फर्म से उपचार हो रहा है.  आज इनकी अनुमानित वेल्थ 1.54 बिलियन डॉलर है.

samprada singh

Image Credit : Businesstoday

 

  1. Samprada Singh: 1973 में शुरू हुई Alkem, Samprada Singh के 40 वर्षों की मेहनत का नतीजा है. बिहार के किसान परिवार से आने वाले सिंह बंधुओं का ताल्लुक मध्यमवर्गीय परिवार से था. कॉमर्स से ग्रेजुएट होने के बाद Samprada Singh ने पहले खेती की.  इन्होने पहले पार्टनरशिप में एक मेडिकल स्टोर खोला  और 1970 में इन्होने में Pharma मैन्युफैक्चरिंग में कदम रखने का प्लान किया. इसी वर्ष Samprada Singh अपने भैनके साथ मुंबई शिफ्ट हो गये.शुरुआत के कुछ असफल प्रयोगों के तीन साल बाद Alkem की नीव रखी गयी.

पिछले कुछ वर्षो से Alkem की प्रति वर्ष ग्रोथ 20% है, जो कि Pharma Industry की ग्रोथ से भी अधिक है. Samprada Singh के अनुसार, उनका प्लान  Alkem को बिलियन डॉलर कंपनी बनाने का है. Alkem Laboratories की एस्टीमेट वैल्यू 1.69 बिलियन डॉलर है.


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