स्टार्ट अप (Start-Up) – कैसे करें नए बिज़नेस की धमाकेदार शुरुआत अपनाये ये 9 टिप्स

हर रोज जाने कितने नए बिज़नेस शुरू होते है और न जाने  कितने बंद हो जाते है।  आंकड़े बताते है  स्टर्ट अप (start-up) में शुरू होने वाले ज्यादातर व्यवसाय बंद हो जाते है।  हम जब भी नया काम शुरू करते है तो एक नया उत्साह रहता है पर जब उस व्यवसाय से जुडी समस्याएं सामने आती है तो लोग अक्सर उनका सामना नहीं कर  पाते , जिसका नतीजा यह होता है लोग नुक्सान की वजह से अपना व्यवसाय बंद कर देते है।

किसी भी नए स्टार्ट अप की कामयाबी – नाकामयाबी  आपके ज्ञान आपकी सूझ बुझ और फैसले लेने की शक्ति पर निर्भर करती है।  हम आपको कुछ ऐसी बातें बता रहें है जिन पर अमल करके आपको आपने बिज़नेस को स्टार्ट करने में मदद मिलेगी। 

पूंजी का अध्यन :

बिज़नेस का आधार उसकी कैपिटल होती है , तो बिज़नेस शुरू करने से पहले अपनी अनुमानित पूंजी को जाँच लें।  आपके पास कितने कैश अन्य रूप में पूंजी

उपलब्ध है। स्टार्ट अप में पूंजी का अनुमान अति आवश्यक है क्योंकि पूंजी आपके व्यापार की नींव है।  आपको अपनी पूंजी के अनुरूप ही व्यवसाय का चुनाव करना चाहिए। 

मार्किट का अध्यन  : 

किसी भी नए बिज़नेस को शुरू करने से पहले मार्किट में उसकी डिमांड और सप्लाई दो ऐसी बाते है जो सबसे पहले ध्यान में रखनी चाहिए।  प्रोडक्ट ग्राहकों की

जरुरत , सुविधा और सही कीमत का जरूर ध्यान रखें।  ये भी ध्यान रखें की कितने लोग इस बिज़नेस में है उनका कितना मार्किट शेयर है और एक नए बिज़नेस के लिए क्या सम्भावनाये है।

योजनाबद्ध तरीके से शुरुवात करें :

कॉम्पिटिशन हर फील्ड में है तो आपको कॉम्पिटिशन से नहीं घबराना चाहिए।  बल्कि आपको अपनी शक्तियों को समझना चाहिए की आप इस कॉम्पिटिशन

के भीड़ में खुद को कैसे स्थापित करेंगे।  आपके पास अपने प्रोडक्ट या सर्विस को बेचने के लिए एक यूनिक सेलिंग पॉइंट होना चाहिए।  अपना USP खोजिए

और प्रचार के माध्यम चुनिए। आपको अपने बिज़नेस के लिए एक बैकअप प्लान भी जरूर रखना चाहिए। 

कैश के फ्लो पर नजर रखें :

नए बिज़नेस में  खुद को स्थापित करने के लिए उधार देने की क्षमता होना जरुरी है। पर आपको ऐसा करते समय बहुत सावधानी से काम करना चाहिए।  ग्राहक चुनते समय उसकी मार्किट पोजीशन जरूर जानियें।  और अगर आप संतुष्ट हो तभी व्यापार करें।  आपको स्टॉक और रॉ मटीरियल इत्यादि में भी ज्यादा कैश

बॉउन्ड नहीं होने देना चाहिए।  कैश पर हमेशा नजर रखे , क्योंकि कैश आपके बिज़नेस की धड़कन है।

अपना यू एस पी  बनाये :

 नए बिज़नेस को चलाने में USP  की  बहुत बड़ी भूमिका है , यूनिक सेलिंग पॉइंट का मतलब है आपकी विशेषता , ऐसा क्या है जो आपको औरों से अलग करता है। आपको अपना USP  जरूर खोजना चाहिए जिससे ज्यादा लोग आपकी तरफ आकर्षक हो सके।  उदाहरण के तौर पर आप पतंजलि को ले लीजिये पतंजलि ने आयुर्वेद , लोगो के स्वास्थ्य और स्वदेशी को अपना USP बनाया और उसकी कामयाबी किसी से छुपी नहीं है। 

लागत को कम करने की लगातार कोशिश करें :

ग्राहक हमेशा अपना फायदा देखता है , तो आपको निरंतर अनुसन्धान  या खोजते रहना चाहिए  की आप अपनी प्रोडक्ट की लागत को कैसे कम करें। 

सेल बढ़ाने और मार्केटिंग पर ज्यादा  फोकस करें :

केवल अच्छा प्रोडक्ट बना लेना ही काफी नहीं है , बिज़नेस को स्थापित करने के लिए उसकी निरंतर बिक्री बढ़ती रहनी चाहिए , इसके लिए आपको प्रचार और प्रोडक्ट की डिलिवरी पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

डिस्काउंट पर नहीं , क्वालिटी पर फोकस करें :

अक्सर लोग सेल को बढ़ाने के लिए प्रॉफिट को कम करके डिस्काउंट का सहारा लेते है ,डिस्काउंट एक सीमा तक ही सही है , आपको अपने प्रोडक्ट की क्वालिटी

पर विशेष ध्यान देना चाहिए जिससे उसकी मांग उसकी क्वालिटी के आधार पर बनें न की डिस्काउंट की वजह से।

विशेषज्ञ की सलाह से काम करें :

बदलते मार्किट के युग में आपको हर बदलाव के लिए खुद को तैयार रखना चाहिए , बदलाव जीवन का नियम है , आपको कोई भी नीति निर्धारण से पहले एक विशेषज्ञ की राय जरूर लेनी चाहिए।  जिससे आप किसी अनदेखे खतरे से बच सको 

आशा है आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें। 


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