GST के प्रकार : जानिए GST हम पर कितने प्रकार से लगेगा ?

जी एस टी के आने के बाद बड़ी सारी  भ्रांतियां भी फैलनी शुरू हो गयी किसी को कुछ विशेष पता नहीं था बस जो जैसा समझता था वैसे बता देता था . एक बात यह भी फैलाई गयी की GST  चार तरह से लगेगा . और हम पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ बढेगा . हाँ यह बात सही है की GST के तीन प्रकार है . पर इससे चीज़ों की कीमतों पर कोई दुष्प्रभाव पड़ेगा ऐसा नहीं है .

 

क्या है GST के चार प्रकार : 

  1. CGST सी जी एस टी (केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर ) :   CGST द्वारा वसूला गया कर केंद्र सरकार को जायेगा .

  2. SGST  एस जी एस टी ( राज्य वस्तु एवं सेवा कर ) :    SGST द्वारा वसूला गया कर राज्य सरकार को जायेगा .

  3. IGST   आई जी एस टी ( एकीकृत वास्तु एवं सेवा कर ) :  यह टैक्स केंद्र द्वारा वसूला जायेगा पर यह केवल एक राज्य से दुसरे राज्य में माल या सेवाएँ भेजने पर लगेगा , या  विदेशों से व्यापार करने पर लगेगा .

  4.  UTGST यू टी जी एस टी  ( यूनियन टेरिटरी वस्तु एवं सेवा कर )  : टैक्स देश के 7 केंद्र शाशित राज्यों में लागु होगा .

अब यह 3 प्रकार के टैक्स कैसे काम करेंगे इन्हें इस चार्ट के द्वारा समझने की कोशिश कीजिये

how GST work

अब इस चार्ट को एक उदाहरण के द्वारा समझिये  :

उदाहरण 1 :

मान लिए एक व्यापारी जो हरियाणा  में व्यवसाय करता है वह अपनी सामान की या सेवा की बिक्री हरियाणा  में ही करता है तो उस पर 2 टैक्स लगेंगे CGST और SGST  यह टैक्स GST द्वारा तय दर से ही लगेगा , अगर किसी वस्तु की कीमत 100 रूपये है और उस पर तय दर के अनुसार 18 प्रतिशत GST है तो उस वसूले गए टैक्स में से आधा यानी 9 प्रतिशत राज्य को SGST के रूप में और आधा यानि 9 प्रतिशत CGST के रूप में केंद्र सरकार को जायेगा . मतलब की उपभोक्ता को वही 18 प्रतिशत टैक्स देना है , उसे कोई अतिरिक्त भर वहन नहीं करना होगा .

उदाहरण 2 :

अब उसी हरियाणा के व्यापारी को अपना माल किसी दुसरे राज्य में भेजना है तो , पहले उसे 2  प्रतिशत CST के रूप में टैक्स देना होता था , जो GST के आने के बाद ख़त्म हो गया है , अब ऐसे अंतर राज्य  व्यवसाय के लिए IGST  लगेगा जो की GST द्वारा तय दर से लगेगा पर बाद में इसे केंद्र और राज्य के बीच में बाँट दिया जायेगा , इस प्रकार से इसे  Wash Out tax भी कहा गया है , जो की बाद में अपने आप समाप्त हो जायेगा . और उपभोक्ता अतिरिक्त Entry tax , CST और चुंगी जैसे टैक्स से बच सकेगा .

 

निष्कर्ष : GST को चार भागों में लागु करने और इसे प्रभावी बनने की वजह से बांटा गया है , इससे उपभोक्ता को कोई परेशानी नहीं होगी . 


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