क्या है Sun Pharma और Dilip Sanghvi की कामयाबी का राज

भारत में बहुत सी Pharmaceutical firms है लेकिन SUN Pharma जैसी success अभी तक दुसरी Pharmaceutical कंपनियों के दूर की कौड़ी है. ये Sun pharma की सफलता ही है जिसने दिलीप संघवी को भारत का सबसे अमीर उद्योगपति बना दिया है.

ऐसा कहा जाता है बड़ी सफलता प्राप्त करने के लिए सोच बड़ी होनी चाहिए. Sun pharma की तरक्की के पीछे की सोच क्या है क्यूँ न ये खुद दिलीप संघवी से सुनें. Business leader of the year 2015 का अवार्ड लेते हुए दिलीप संघवी ने बताये अपनी सफलता के राज़. क्यूंकि ये क्लिप इंग्लिश में है इसलिए आपकी सहूलियत के लिए हमने यहाँ इसी हिंदी रूपांतरण दिया हुआ है.

विक्रम चंद्रा : आप मेडिकल केयर की कीमत कम करने के लिए जो काम कर रहे है जैसे कि U.S. में leukemia के इलाज के खर्च में 30 से 40 प्रतिशत की कमी आयी है, क्या इन बातों से आपको संतुष्टि मिलती है ?
दिलीप संघवी : मुझे लगता है कि ultimately बिज़नस का उद्देश्य ऊंचा होना चाहिए. हमारा उद्देश्य सिर्फ U.S. में ही हेल्थ केयर प्रोडक्ट्स को कम खर्चे में उपलब्ध कराना नहीं है बल्कि भारत भी में मरीजो के लिए complex दवाईयां उपलब्ध कराने के कारण भी हम आगे बढ़ते जा रहे है. और इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए हम प्रति वर्ष 100 मिलियन डॉलर हमारे नये प्रोडक्ट को develop करने के लिए इन्वेस्ट करते रहेंगे.
विक्रम चंद्रा : अगला प्रश्न में आपसे पूछना चाहता हूँ कि बहुत सी भारतीय Pharmaceutical कंपनिया जेनेरिक दवा बना रही है. मैं पूछना चाहता हूँ की कब पहला बड़ा भारतीय प्रोडक्ट बाज़ार में आएगा जो कि मेड इन इंडिया हो designed इन इंडिया हो जिसकी R&D भारत में हुई हो और जो एक world changing प्रोडक्ट साबित हो सकें
दिलीप संघवी : हमारी एक और कंपनी है जिसका नाम है “Sun Pharma advanced research company” है.जिसका मुख्य उद्देश्य सिर्फ R&D है. U.S, में हमारे दो प्रोडक्ट्स दुसरें व तीसरे फेज में है. हम आशान्वित है की ये दोनों प्रोडक्ट्स अगले 2 से 3 सालों में मार्किट में आ जायेंगे. लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण ये है कि भारत में हमारी ऐसी दवा है जो कि डेंगू और मलेरिया के इलाज में काम आती है. और हम उन areas पर फोकस रखना जारी रखेंगे जिससे हम ग्लोबली मरीजों को फायदा पहुंचा सके.  ये है दिलीप संघवी जी की सोच जिसने SUN PHARMA को नयी ऊँचाईयों तक पहुँचाया
विक्रम चंद्रा : रविशंकर प्रसाद, क्या आप इनसे कुछ पूछना चाहेंगे ?
रविशंकर प्रसाद : में पिछले बहुत से वर्षों से आपके फंक्शन में आ रहा हूँ और इस वर्ष मैं बहुत खुश हूँ क्यूंकि इस बार पहली बार में ये देख रहा हूँ कि pharma बिज़नस को लीड करने वाला एक व्यक्ति Business leader of the year चुना गया है. ये खुद में ही बदलते भारत को दिखाता है. भारत के गरीब लोगों के लिए सस्ती मेडिसिन उपलब्ध होनी चाहिए. लेकिन इससे भी अधिक महत्वपूर्ण है जैसा कि इन्होने (दिलीप संघवी) भी कहा “R&D” और इसके साथ ही उन प्रोडक्ट्स की patenting करवाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. मैं बहुत खुश हूँ कि आपने ये इनिशिएटिव लिया, इसे आगे बढ़ाये. क्यूंकि मुझे हमेशा से ही भारतियों की की innovative क्षमता पर बहुत विश्वास रहा है. मेरा ऐसा मानना है कि आप भारतीयों सिर्फ प्लेटफ़ॉर्म दें और वो रिजल्ट डिलीवर कर के देंगे.
दिलीप सांघवी : मुझे उम्मीद है की आपने जो विश्वास और कॉन्फिडेंस हमारे ऊपर दिखाया है हम उसी जस्टिफाई करंगे.


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